Saturday, November 17, 2007

Waves of Life.......


राह अजीब है, चाह अजीब है,
इस दुनिया मे बिकता सब कुछ है, ये कैसी दुनिया है,
ये दुनिया ही अजीब है,

सचे लोगो कि ख्वाहिशे पूरी नही होती,
मतलबी लोगो के लिए राहें बहुत है,
राह अजीब है, चाह अजीब है.....
साथ मिलता है बहुत लोगों का पर हर रिश्ते है मतलब अजीब है
कहीं सुबह होती है देखो तो वहीं सूरज ढलता कहीं और है,,
इस दुनिया मे जो मांगो वो मिलता नहीं है क्योंकि सब के दिल के अंरमान बहुत है,
राह अजीब है, चाह अजीब है...
बचपन से सपनो के पंख लगा कर उड़ना सिखाते है सभी,
सब कुछ पाना है ये सोचते है सभी,
मॅन तो हैं चंचल, मॅन मानता नही हैं,
राहें कम हैं मंजिल ज्यादा हैं,पर क्या करे सितारें ज़मीन पर जो आते नहीं,
राह अजीन है, चाह अजीब है....
अजीब सी इन राहों में,
समां अलग है मंज़र अलग है,
राही अलग है साथी अलग है,
हमारी चाहतें अलग है, हसरतें अलग है,
हर उन चाहतों के इरादे अलग है....
क्यो बदल जातें है हालत??????
उन् बदले हुए हालातों के हालात अलग हैं....
राहें अलग है मंजिल अलग है....
राह अलग हैं, चाह अलग हैं...
राह अजीब हैं, चाह अजीब हैं.....